post image

आदमी अपने से अधिक दूसरों की समस्या से परेशान है

भगवद्गीता पुत्र स्त्री धन और घर में आसक्ति का अभाव,ममता न होना तथा प्रिय और अप्रिय  की प्राप्ति में सदा ही चित्त का सम रहना और विषयासक्त लोगो में प्रेम न  होना ये सब ही.... और पढ़े

Viewed By : 184
post image

अपनी कमजोरियों को शक्ति में बदलिये

मनुष्य स्वभाव से गलतियों का पुतला रहा है जीवन बार बार गलतिया करता है दुःख पाता  है और फिर चल देता है अपने अनजान गंतव्य की और यहाँ यह महत्वपूर्ण है कि वह चलता रहता है यातना .... और पढ़े

Viewed By : 183
post image

पहले स्वयं में परिवर्तन करें दूसरों में नहीं

दूसरों के व्यवहार का प्रतिउत्तर देने में हम अपने व्यवहार में जरा सी भी देरी नहीं करते और हर व्यवहार में हमारी यह कोशिश बनी रहती है  कि  हम स्वयं कोश्रेष्ठ सिद्ध करते हुए.... और पढ़े

Viewed By : 193
post image

जो है उस पर गर्व करो

समय का चक्र  बहुत तेजी से चलता रहता है अतीत के परिदृश्य धीरे धीरे गुजरते रहते है कल आज और कल में बदलता जाता है बहुत कुछ था कल या बहुत कुछ नहीं था , ये तो सब दुःख का विषय ही था न .... और पढ़े

Viewed By : 190
post image

चिनौतियाँ है ज़िंदगी स्वीकार कर

मनुष्य का सम्पूर्ण में जीवन  बड़ा ही विचित्र  सयोग बनाता रहता है वह चिरंतन शान्ति की खोज में व्यस्त रहता है बार बार प्रयास दर प्रयास करता  हुआ शान्ति उत्पन्न कर पाता .... और पढ़े

Viewed By : 182
post image

गलतियों की स्वीकारोक्ति

हमीं सब क्या सभी मैं कुछ कमीं है , न धरती देवताओं से थमीं है  गगन आंसूं न पोछेंगा तुम्हारे , सहारा आदमी का आदमी है  आदमी गलतियों का पुतला है और उसे  गलतियां करने का .... और पढ़े

Viewed By : 201
post image

हताशा को अपूर्व शक्ति में बदलो

भारतीय धर्म में महाशिव को महांकाल कहा  गया है शिव और शक्ति का प्रणय विछोह और सम्पूर्ण जगत को एक   नई परिभाषा देने के लिए जो लीलाएं की गई वो आम आदमी को यह शिक्षा अवश्य देत.... और पढ़े

Viewed By : 203
post image

कैसे करें व्यवहार स्वयं से और दूसरों से

टीम वर्क आधुनिक मेनेजमेंट का आधार भूत  स्लोगन है और यह माना जाता है  कि उसके बगैर कोई श्रेष्ठ मैनेजर नहीं बन सकता , वैज्ञानिक प्रबंध में टेलर , फियोल सब ने माना   कि  ए.... और पढ़े

Viewed By : 182
post image

गुणात्मकजीवन का मूल है चिंतन की स्थिरता

सम्पूर्ण जीवन आदमी का यह प्रयास रहता है की वह पूर्ण शांति और संसाधनो की बहुतायत में अति विलासी जीवन का उपभोग करे ,उसके पास असीम संपत्ति , शक्ति , प्रभुत्व , यश और अनुयायी समाज.... और पढ़े

Viewed By : 176
post image

सम्पूर्णता बनाम स्वयं की कमियों पर नियंत्रण

भारतीय दर्शन में स्वयं का विकास सबसे बड़ी चिनौती माना गया है और हर इंसान जीवन में उन ऊंचाइयों  तक पहुँचाना ही चाहता है ,जबकि सब मे वही शक्ति ,सोच और पाने की ललक बनी रहती है ,प.... और पढ़े

Viewed By : 178